गणित में विभाज्यता के नियम (Divisibility Rules)

Vineet Verma
0
गणित में विभाज्यता के नियम (Divisibility Rules)

 गणित में विभाज्यता के नियम (Divisibility Rules) से आप बिना लंबा भाग दिए तुरंत पता लगा सकते हैं कि कोई संख्या किसी दूसरी संख्या से पूरी तरह विभाजित (विभाज्य) होगी या नहीं।

2 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 2)

नियम - यदि किसी संख्या का अंतिम अंक (इकाई अंक) सम हो, यानी 0, 2, 4, 6, या 8 हो, तो वह संख्या पूर्णतया 2 से विभाजित होगी।

उदाहरण 1 - 48 में इकाई का अंक 8 है। (विभाज्य है)

उदाहरण 2 - 152 में इकाई का अंक 2 है। (विभाज्य है)

उदाहरण 3 - 1030 में इकाई का अंक 0 है। (विभाज्य है)

3 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 3)

नियम - यदि किसी संख्या के सभी अंकों का योग (Sum of digits) 3 से विभाजित होता है, तो वह संख्या भी 3 से विभाजित होगी।

उदाहरण 1 - 123 में अंकों का योग = 1 + 2 + 3 = 6 (6, 3 से विभाजित होता है तो 123 भी 3 से पूर्णतया विभाजित होगा )।

​उदाहरण 2 - 4563 में अंकों का योग = 4 + 5 + 6 + 3 = 18 (18, 3 से विभाजित होता है तो 4563 भी 3 से पूर्णतया विभाजित होगा )।

​उदाहरण 3 - 7021 में अंकों का योग = 7 + 0 + 2 + 1 = 10 (10, 3 से विभाजित नहीं होता है तो 7021 भी 3 से पूर्णतया विभाजित नहीं होगा )।

​4 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 4)

नियम - यदि किसी संख्या के अंतिम दो अंक (दहाई और इकाई) से बनी संख्या 4 से विभाजित होती है (या अंतिम दोनों अंक 00 हों), तो वह संख्या 4 से पूर्णतया विभाज्य होगी।

उदाहरण 1 - 316 में अंतिम दो अंक 16 हैं (16 ÷ 4 = 4) तो 316, 4 से पूर्णतया विभाजित होगी।

​उदाहरण 2 - 1024 में अंतिम दो अंक 24 हैं (24 ÷ 4 = 6) तो 1024, 4 से पूर्णतया विभाजित होगी।

​उदाहरण 3 - 500 में अंतिम दो अंक 00 हैं तो 500, 4 से पूर्णतया विभाजित होगी।

​5 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 5)

नियम - यदि किसी संख्या का अंतिम अंक 0 या 5 हो, तो वह संख्या 5 से पूरी तरह विभाजित होगी।

उदाहरण 1 - 85 में इकाई का अंक 5 है तो 85, 5 से पूर्णतया विभाजित होगा।

​उदाहरण 2 - 240 में इकाई का अंक 0 है तो 240, 5 से पूर्णतया विभाजित होगा।

​उदाहरण 3 - 1595 में इकाई का अंक 5 है तो 1595, 5 से पूर्णतया विभाजित होगा।

6 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 6)

नियम - यदि कोई संख्या 2 और 3 दोनों से विभाजित होती है (वह संख्या सम हो और उसके अंकों का योग 3 से विभाजित हो), तो वह 6 से भी विभाज्य होगी।

उदाहरण 1 - 114 का इकाई अंक सम (4) है और अंकों का योग 1 + 1 + 4 = 6 है तो 114, 6 से पूर्णतया विभाजित होगा। 

​उदाहरण 2 - 324 का इकाई अंक सम (4) है और अंकों का योग 3 + 2 + 4 = 9 है तो 324, 6 से पूर्णतया विभाजित होगा। 

​उदाहरण 3 - 732 का इकाई अंक सम (2) है और अंकों का योग 7 + 3 + 2 = 12 है तो 732, 6 से पूर्णतया विभाजित होगा। 

​7 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 7)

नियम - ​दी गई संख्या के अंतिम अंक (इकाई अंक) को दुगुना (Double) करें और उसे बाकी बची संख्या से घटाएं। यदि प्राप्त संख्या 7 से विभाजित होती है (या 0 आती है), तो मूल संख्या भी 7 से विभाज्य होगी।

​(नोट - यदि घटाने के बाद भी संख्या बड़ी रहती है, तो यही प्रक्रिया दोबारा दोहराएं।)

उदाहरण 1 - 343 

इकाई का अंक = 3

​इकाई अंक का दुगुना = 3 × 2 = 6

​बाकी बची संख्या = 34

​घटाने पर = 34 - 6 = 28

​निष्कर्ष - 28, 7 से विभाज्य होता है (7 × 4 = 28), इसलिए 343, 7 से विभाज्य है।

​उदाहरण 2 - 672

इकाई का अंक = 2

इकाई अंक का दुगुना = 2 × 2 = 4

बाकी बची संख्या = 67

घटाने पर = 67 - 4 = 63

निष्कर्ष - 63, 7 से विभाज्य होता है (7 × 9 = 63), इसलिए 672, 7 से विभाज्य है।

8 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 8)

नियम - यदि किसी संख्या के अंतिम तीन अंकों से बनी संख्या 8 से विभाजित होती है (या अंतिम तीनों अंक 000 हों), तो वह संख्या 8 से विभाज्य होगी।

उदाहरण 1 - 1816 में अंतिम तीन अंक 816 हैं (816 ÷ 8 = 102)।

​उदाहरण 2 - 3064 में अंतिम तीन अंक 064 हैं (64 ÷ 8 = 8)।

​उदाहरण 3 - 7000 में अंतिम तीन अंक 000 हैं।

​9 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 9)

नियम - यदि किसी संख्या के सभी अंकों का योग 9 से विभाजित होता है, तो पूरी संख्या 9 से विभाज्य होगी।

उदाहरण 1 - 729 में अंकों का योग = 7 + 2 + 9 = 18 (18, 9 से विभाजित होता है तो 729 भी 9 से पूर्णतया विभाजित होगा )।

​उदाहरण 2 - 28809 में अंकों का योग = 2 + 8 + 8 + 0 + 9 = 27 (27, 9 से विभाजित होता है  तो 28809 भी 9 से पूर्णतया विभाजित होगा )।

​उदाहरण 3 - 96353 में अंकों का योग = 9 + 6 + 3 + 5 + 3 = 26 (26, 9 से विभाजित नहीं होता है  तो 96353 भी 9 से पूर्णतया विभाजित नहीं होगा )।

10 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rules for 10)

नियम - जिस संख्या का अंतिम अंक (इकाई अंक) केवल 0 होता है, वह संख्या 10 से पूरी तरह विभाजित होती है।

​उदाहरण 1 - 90 में अंतिम अंक 0 है तो 90, 10 से पूर्णतया विभाजित होगा ।

​उदाहरण 2 - 450 में अंतिम अंक 0 है तो 450, 10 से पूर्णतया विभाजित होगा ।

​उदाहरण 3 - 3820 में अंतिम अंक 0 है तो 3820, 10 से पूर्णतया विभाजित होगा ।

​उदाहरण 4 - 56478 में अंतिम अंक 8 है तो 56478 , 10 से पूर्णतया विभाजित नहीं होगा ।

11 से विभाज्यता का नियम (Divisibility Rule of 11)

नियम - कोई संख्या 11 से तभी विभाजित होगी, जब उसके विषम स्थानों (Odd Positions) के अंकों के योग और सम स्थानों (Even Positions) के अंकों के योग का अंतर (Difference) या तो 0 हो या 11 का कोई गुणज (Multiple) हो (जैसे 11, 22, 33, – 11,– 55 आदि)।

उदाहरण 1 - संख्या 8,634,780 की जाँच करें

विषम स्थानों के अंकों का योग -  8 + 3 + 7 + 0 = 18

सम स्थानों के अंकों का योग -  6 + 4 + 8 = 18

विषम स्थानों के अंकों का योग व सम स्थानों के अंकों का योग का अन्तर -  18 – 18 = 0

चूँकि अंतर 0 आया है, इसलिए संख्या (8,634,780) 11 से पूरी तरह विभाजित होगी।

उदाहरण 2 -  संख्या 53,982,714 की जाँच करें

विषम स्थानों के अंकों का योग -  5 + 9 + 2 + 1 = 17

सम स्थानों के अंकों का योग -  3 + 8 + 7 + 4 = 22

विषम स्थानों के अंकों का योग व सम स्थानों के अंकों का योग का अन्तर -   22 – 17 = 5

घटाने पर उत्तर 5 आया है (जो कि 0 नहीं है और न ही 11 का गुणज है)।

​अतः-  53,982,714 संख्या 11 से विभाजित नहीं होगी।

उदाहरण 3 - संख्या 9,584,784 की जाँच करें

विषम स्थानों के अंकों का योग -  9 + 8 + 7 + 4 = 28

सम स्थानों के अंकों का योग -  5 + 4 + 8 = 17

विषम स्थानों के अंकों का योग व सम स्थानों के अंकों का योग का अन्तर -  28 – 17 = 11

चूँकि अंतर 11 आया है, जोकि 11 का गुणज है इसलिए संख्या (9,584,784) 11 से पूरी तरह विभाजित होगी।

नोट :- किसी भी संयुक्त संख्या (Composite Number) जैसे 12, 15, या 18 का नियम चेक करने के लिए उसे सह-अभाज्य गुणनखण्डों (co-prime factors) में तोड़ें :- 

​12 का नियम - यदि संख्या 3 और 4 दोनों से कटती है।

15 का नियम - यदि संख्या 3 और 5 दोनों से कटती है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)